कुछ बात थी उसमे
कुछ बात हैं भी उसमे
जो मै सोचने पे मजबूर हो गया
आज महसूस किया उसको खुद में
तो दिल से निकल गए आसू मेरे
आँखों ने महज रास्ता दिखा दिया
वो भीड़ में हैं मगर तन्हा खड़ी
वो ढूढ़ रही हैं जिसे यादो के सहारे
वो अब ना इस दुनिया में कही हैं
वो जीती हैं आज भी मगर जिन्दा नहीं
कभी हँसती थी खुशिया जिसके चहरे पे
उसके चहरे से वो खिलखिलाती मुस्कान छीन गई
क्या हक था उसे जो अपनों से उसे दूर कर गया
हरा भरा संसार पल में चकनाचूर कर गया
वो मुरझा सी गई हैं आज
जो कभी फूलो सी बिखेरती खुशबू महकाती थी पुरे घर को
आज वो सिसकियो के साथ कोने में बैठने को मजबूर हो गई
ये कैसी लीला हैं मौला तेरे इस कुदरत की
ये मुझे जानने का तो हक नहीं
पर एक दुवा हैं तुझसे मेरे दोस्त के लिए
की उसकी खोई मुस्कान ला दे अभी-2 ........... Dedicated to my friend
कुछ बात हैं भी उसमे
जो मै सोचने पे मजबूर हो गया
आज महसूस किया उसको खुद में
तो दिल से निकल गए आसू मेरे
आँखों ने महज रास्ता दिखा दिया
वो भीड़ में हैं मगर तन्हा खड़ी
वो ढूढ़ रही हैं जिसे यादो के सहारे
वो अब ना इस दुनिया में कही हैं
वो जीती हैं आज भी मगर जिन्दा नहीं
कभी हँसती थी खुशिया जिसके चहरे पे
उसके चहरे से वो खिलखिलाती मुस्कान छीन गई
क्या हक था उसे जो अपनों से उसे दूर कर गया
हरा भरा संसार पल में चकनाचूर कर गया
वो मुरझा सी गई हैं आज
जो कभी फूलो सी बिखेरती खुशबू महकाती थी पुरे घर को
आज वो सिसकियो के साथ कोने में बैठने को मजबूर हो गई
ये कैसी लीला हैं मौला तेरे इस कुदरत की
ये मुझे जानने का तो हक नहीं
पर एक दुवा हैं तुझसे मेरे दोस्त के लिए
की उसकी खोई मुस्कान ला दे अभी-2 ........... Dedicated to my friend
Thanks.:)
ReplyDeleteKeep it up.