Tuesday, 14 January 2014

छोटी -२ मगर मोटी बाते !!!!!
"रंगों की जाति"
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रंगो से जाति
देखी जाती हैं
काले और सफ़ेद
में तौली जाती हैं
....... यहाँ भ्रम जाल बुनता हैं
काली नैनो के बीच
सवरता हैं सफ़ेद रंग जहाँ 
------- चाहे काला हो सफ़ेद कितना
पर अंदर की जाति
कौन समझे यहाँ
जहाँ हर शख्स के नैनो में
सफ़ेद अक्स ही चमकता हैं
समाज की काली काया का
मैं सम्पूर्ण भंजन करता हूँ
आओ मिलाये हाथ इस दिशा को
एक नई ज्योति जलाये
ऐसे मानसिक विचारो को
जड़ से उखाड़ बहाये !!!!!!!!! P.p  
 — feeling deep in New Delhi.