Wednesday, 27 November 2013

लबों पे मुस्कान लेकर हर तरफ गया
 फिर भी ज़माने से हाय ! मिली ,तो ये मुस्कान "कैसी"

जिनके खुशियों के खातिर ये दौलत कमाई
 वही रूठ गए तो ये मुस्कान "कैसी "


माँ के आँचल को तूने दगा जब दिया
दुनिया के लिए ये झूठी मुस्कान "कैसी" 


 जाते-२  अखियों में अस्को की धारा छोड़ गये
फिर मुरझाई अखियों के लिए ये  मुस्कान "कैसी "

        ............................................P.p

Monday, 18 November 2013

जिंदगी के मायने  ........................
तल्ख़ हैं ,नमकीन हैं , ये किस्मत की शौक़ीन हैं!
पर इसे उर्दू की तरह ना अपनाओ ,ये इसकी तौहीन हैं !!

Saturday, 16 November 2013

जब भी याद आती हो , हम  उन लम्हो में मसरूफ पाते हैं !
 दिल के आईने की तस्वीर , पलकों से छन जाते हैं  !!
P.P
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जस लोढ़त माली फ़ुलवन को सजावे खातिर मलवन क शोभा !
 तस कवि लोढ़े लागल शब्दों को सजावे खातिर कब्यन क शोभा !!  P.P

Thursday, 14 November 2013

जब देखो कुछ लोग दूसरे की  बात करते हैं
अपनी छोड़ दुसरो के फेर में रहते हैं
इनकी मूंगफली खाने की औकात नहीं
पर घमंड करोड़ो की रखते हैं
इनकी जाति मिल जाती  हैं ऐसे ही किसी नुकक्ड़ ,चौराहे पे
उन लब्जो के चन्द बानगी भर से पहचान जायेंगे
क्या लिखू ,इनके तराने बड़े बेवकूफी भरे  होते हैं
पर हाय!  रे ये जहाँ ,ऐसे लोगो के साथ भी कुछ लोग खड़े रहते हैं .................................. :)