लबों पे मुस्कान लेकर हर तरफ गया
फिर भी ज़माने से हाय ! मिली ,तो ये मुस्कान "कैसी"
जिनके खुशियों के खातिर ये दौलत कमाई
वही रूठ गए तो ये मुस्कान "कैसी "
माँ के आँचल को तूने दगा जब दिया
दुनिया के लिए ये झूठी मुस्कान "कैसी"
जाते-२ अखियों में अस्को की धारा छोड़ गये
फिर मुरझाई अखियों के लिए ये मुस्कान "कैसी "
............................................P.p
फिर भी ज़माने से हाय ! मिली ,तो ये मुस्कान "कैसी"
जिनके खुशियों के खातिर ये दौलत कमाई
वही रूठ गए तो ये मुस्कान "कैसी "
माँ के आँचल को तूने दगा जब दिया
दुनिया के लिए ये झूठी मुस्कान "कैसी"
जाते-२ अखियों में अस्को की धारा छोड़ गये
फिर मुरझाई अखियों के लिए ये मुस्कान "कैसी "
............................................P.p
वाह.....
ReplyDeletethanks sir ............ :)
ReplyDeletevery good pandey bhai......:-)
ReplyDeletethanks bro :)
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