ये promote करने वाली कम्पनियाँ भी क्या खूब कमाल करती हैं
काली शक्ल भी दूधिया रंग में दिखाती हैं। ......
कुछ दिन पहले शुरू हुए जबरजस्ती प्रचार अभियान में करीब १५ करोड़ युवाओं वोटरो को लुभाने के लिए राहुल गांधी के चहरे को फेसिअल ,क्रीम, पाउडर लगा के बड़े ही दिलचस्प ढंग से पेश किया गया
जिसमे हसिबा अमीन' (गोवा NSUI की अध्यक्षा हैं), जिन्होंने अपने तेवर भरे लहजे से ये कहा की "हम हैं नए तो अंदाज क्यों हो पुराना। ……..……… … " कट्टर सोच नहीं ,युवा जोश चाहिए "
इसी रूप को दिखने के ऐवज में एक Advertising कंपनी ने कांग्रेस के १० साल से जुटाई गई खजाने से लगभग ५०० करोड़ का रकम लिया। .. मेरा मानना ये हैं कि शक्ल तो मिल जायेगी पर अक्ल भी कोई चीज़ होती हैं मेरे भाई
तो भैया जिसके लिए मम्मी सोनिया बेटा राहुल के लिए इतने पैसे खर्च कर रही,जो फ़िज़ूल खर्च से ज्यादा कुछ नहीं लगता हैं
ये युवा ८० या ९० के दशक के युवा नहीं हैं जो मिथुन चकवर्ती की एक सी स्टोरी वाली १० फिल्मो को झेल जायेगा। .......
अर्नब गोस्वामी के साथ हुए राहुल बाबा का साक्षात्कार हम देख चुके हैं ,पुरे साक्षत्कार के दौरान ऐसा लगा की कोई पाँचवी क्लास का बच्चा मुंडी निचे झुका के उत्तर दे रहा हो. जो कभी भ्रष्टाचार ,बलात्कार जैसे मुद्दो पर कभी जबान तक न खोलने का वचन वचनबद्ध हैं। …… वैसे भी १० साल तक न बोलने वाला प्रधानमंत्री हम झेल चुके जिसके बोल सुनाने के लिए हमने १५ अगस्त या २६ जनवरी जैसे दिवस का इंतजार किया
फैसला आपका हैं आप को चुनना किसे हैं। ....
आप सभी के प्रतिक्रियों का इंतजार हैं
काली शक्ल भी दूधिया रंग में दिखाती हैं। ......
कुछ दिन पहले शुरू हुए जबरजस्ती प्रचार अभियान में करीब १५ करोड़ युवाओं वोटरो को लुभाने के लिए राहुल गांधी के चहरे को फेसिअल ,क्रीम, पाउडर लगा के बड़े ही दिलचस्प ढंग से पेश किया गया
जिसमे हसिबा अमीन' (गोवा NSUI की अध्यक्षा हैं), जिन्होंने अपने तेवर भरे लहजे से ये कहा की "हम हैं नए तो अंदाज क्यों हो पुराना। ……..……… … " कट्टर सोच नहीं ,युवा जोश चाहिए "
इसी रूप को दिखने के ऐवज में एक Advertising कंपनी ने कांग्रेस के १० साल से जुटाई गई खजाने से लगभग ५०० करोड़ का रकम लिया। .. मेरा मानना ये हैं कि शक्ल तो मिल जायेगी पर अक्ल भी कोई चीज़ होती हैं मेरे भाई
तो भैया जिसके लिए मम्मी सोनिया बेटा राहुल के लिए इतने पैसे खर्च कर रही,जो फ़िज़ूल खर्च से ज्यादा कुछ नहीं लगता हैं
ये युवा ८० या ९० के दशक के युवा नहीं हैं जो मिथुन चकवर्ती की एक सी स्टोरी वाली १० फिल्मो को झेल जायेगा। .......
अर्नब गोस्वामी के साथ हुए राहुल बाबा का साक्षात्कार हम देख चुके हैं ,पुरे साक्षत्कार के दौरान ऐसा लगा की कोई पाँचवी क्लास का बच्चा मुंडी निचे झुका के उत्तर दे रहा हो. जो कभी भ्रष्टाचार ,बलात्कार जैसे मुद्दो पर कभी जबान तक न खोलने का वचन वचनबद्ध हैं। …… वैसे भी १० साल तक न बोलने वाला प्रधानमंत्री हम झेल चुके जिसके बोल सुनाने के लिए हमने १५ अगस्त या २६ जनवरी जैसे दिवस का इंतजार किया
फैसला आपका हैं आप को चुनना किसे हैं। ....
आप सभी के प्रतिक्रियों का इंतजार हैं
bahut khoob pandey ji. mujhe lagta hai ki ab koi ad agency congress ki naiyya paar nahi laga sakti. -vivek mishra
ReplyDeletesukriya vivek ............. :)
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